खनन माफियाओं के पीछे काल बनकर दौड़ी SDM! दो सरकारी नौकरी ठुकराकर PCS में किया था टॉप, पढ़िए नेहा मिश्रा की अद्भुत कहानी!

खनन माफियाओं के पीछे काल बनकर दौड़ी SDM! दो सरकारी नौकरी ठुकराकर PCS में किया था टॉप, पढ़िए नेहा मिश्रा की अद्भुत कहानी!

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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एसडीएम नेहा मिश्रा की गिनती सख्त अधिकारियों में होती है। उन्होंने कर्नलगंज थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मिट्टी से लदे तीन ट्रॉलियों का पीछा किया। एसडीएम ने खुद खनन करने वालों को मौके पर पकड़ा और पुलिस को सौंप दिया। नेहा मिश्रा की यह सख्ती उनकी उस प्रेरणादायक कहानी का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने दो सरकारी नौकरियों को छोड़कर आखिरकार एसडीएम बनकर दम लिया।

एसडीएम बनने की थी जिद, तीन बार क्रैक की परीक्षा

नेहा मिश्रा यूपी पीसीएस 2020 बैच की एसडीएम हैं। उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 10वीं रैंक हासिल की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने तीन बार यूपी पीसीएस की परीक्षा क्रैक की है।

  • शुरुआती पढ़ाई कुशीनगर में हुई, जिसके बाद उन्होंने बाराबंकी से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की।
  • लखनऊ के आईटी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद, उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी।

दो सरकारी पद छोड़कर मानी हार नहीं

नेहा मिश्रा के पिता ज्ञान प्रकाश मिश्र हमेशा से चाहते थे कि उनकी बेटी एक बड़ी अधिकारी बने। ग्रेजुएशन के बाद नेहा ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की और 2017 में नायब तहसीलदार चुनी गईं।

लेकिन नेहा का लक्ष्य एसडीएम बनना था। इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी और 2018 में फिर परीक्षा दी। इस बार उन्हें ट्रेजरी अफसर (Treasury Officer) के रूप में चुना गया।

दो सरकारी पद मिलने के बावजूद, उन्होंने एसडीएम बनने की जिद नहीं छोड़ी। आखिरकार, साल 2020 में वह फिर पीसीएस की परीक्षा में बैठीं और एसडीएम बनकर अपने परिवार का मान बढ़ाया। उनकी यह कहानी लगन और ऊँचे लक्ष्य रखने वालों के लिए एक बड़ी मिसाल है।

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